अजंटा • जलगाव • महाराष्ट्र
गुफाअजंता गुफाएँ महाराष्ट्र के सह्याद्री पहाड़ों में वाघूर नदी के एक घोड़े के नाल जैसी मोड़ में स्थित हैं। इस परिसर में 30 गुफाएँ हैं, जिनमें मठ (विहार) और प्रार्थना हॉल (चैत्यों) शामिल हैं, जो सीधे ज्वालामुखीय चट्टान में खुदी हुई हैं।
ये गुफाएँ दो चरणों में बनाई गई थीं:
सातवाहन काल (ईसा पूर्व 2वीं शताब्दी – ईस्वी 1वीं शताब्दी)
वाकाटक काल (ईस्वी 5वीं–6वीं शताब्दी)
अजंता अपने बौद्ध चित्रकों और भित्तिचित्रों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जो जादक कथाओं (बुद्ध के पिछले जीवन की कहानियों), शाही जीवन, जानवरों और धार्मिक प्रतीकों की कहानियों को दर्शाती हैं। इन चित्रों को प्राचीन भारतीय कला की उत्कृष्ट कृतियों के रूप में माना जाता है और ये विश्व की सबसे अच्छी तरह से संरक्षित प्राचीन चित्रकला में से हैं।
भारत में बौद्ध धर्म के पतन के बाद ये गुफाएँ परित्यक्त हो गई थीं और सदियों तक छिपी रहीं, जब तक कि इन्हें 1819 में ब्रिटिश अधिकारी जॉन स्मिथ द्वारा पुनः अन्वेषित नहीं किया गया। आज, अजंता भारत की कलात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है।
What is the best time to visit?
जुलाई से मार्च
What is the entry fee?
₹ ₹40