भुवनेश्वर “भारत की मंदिर नगरी” कहा जाता है। यह अपने प्राचीन मंदिरों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर इतिहास और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। लिंगराज मंदिर, मुक्तेश्वर मंदिर, धौली शांति स्तूप और नंदनकानन जैविक उद्यान यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। भुवनेश्वर धार्मिक यात्रियों, इतिहास प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है तथा पुरी और कोणार्क जैसे प्रसिद्ध स्थलों का प्रवेश द्वार भी माना जाता है।
यहां का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण लिंगराज मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। मुक्तेश्वर मंदिर, राजारानी मंदिर और अनंत वासुदेव मंदिर भी दर्शनीय हैं। धौली पहाड़ी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक ने यहीं बौद्ध धर्म अपनाया था।
प्रकृति प्रेमियों के लिए नंदनकानन जैविक उद्यान विशेष आकर्षण है, जहां सफेद बाघ, सफारी और वनस्पति उद्यान मौजूद हैं। उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं जैन धर्म और प्राचीन शैलकृत वास्तुकला की झलक दिखाती हैं। बिंदु सागर झील और एकाम्र हाट स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर प्रदान करते हैं।
भुवनेश्वर का मौसम उष्णकटिबंधीय है और सर्दियों का समय घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। शहर हवाई, रेल और सड़क मार्ग से देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह पुरी और कोणार्क के साथ ओडिशा के प्रसिद्ध गोल्डन ट्रायंगल पर्यटन सर्किट का हिस्सा भी है।



