• जयपुर • राजस्थान
ऐतिहासिक स्थलहवा महल जयपुर के सबसे प्रतीकात्मक स्थलचिह्नों में से एक है और राजपूत वास्तुकला का मुगल शैली के साथ मिश्रण का एक प्रमुख उदाहरण है। यह वास्तुकार लाल चंद उस्ताद द्वारा डिज़ाइन किया गया था और सिटी पैलेस के विस्तार के रूप में बनाया गया था।
महल का निर्माण लाल और गुलाबी बलुआ पत्थर से किया गया था, जो जयपुर की पहचान गुलाबी शहर के अनुरूप है। इसका मुखौटा भगवान कृष्ण की मुकुट जैसी आकृति का प्रतीक है, जिनके प्रति महाराजा सवाई प्रताप सिंह समर्पित थे।
सबसे आकर्षक विशेषता इसके 953 जटिल नक्काशी वाले झरोखे हैं। ये छोटे झरोखे महल में ठंडी हवा को संचारित करने की अनुमति देते थे, जिससे एक प्राकृतिक एयर-कंडीशनिंग सिस्टम बनता था — यही कारण है कि इसे हवा महल (हवाओं का महल) कहा गया।
इस संरचना में है:
1. पाँच मंजिलें
2. कोई मुख्य प्रवेश द्वार नहीं (प्रवेश सिटी पैलेस की ओर से है)
3. बड़े हॉल की बजाय छोटे कक्ष और गलियां
4. सुंदर जाली और नाजुक नक्काशी
ऊपरी मंजिलें बहुत संकरी हैं और सीढ़ियों के बजाय ढलानों के माध्यम से पहुंची जा सकती हैं।
आज, इसमें एक संग्रहालय है जिसमें शाही कलाकृतियाँ, लघु चित्रकला, और ऐतिहासिक प्रदर्शनियाँ प्रदर्शित हैं।
What is the best time to visit?
What is the entry fee?
₹ ₹50 , Foreign Tourists: ₹200