• अलवर • राजस्थान
वन्यजीव अभयारण्यसारिस्का टाइगर रिजर्व को 1955 में एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया था और बाद में 1978 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यह लगभग 880 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें शुष्क पर्णपाती वन, घाटियां, गर्मियों में सूखे मैदान, खड़ी पहाड़ियां और मौसमी नदियां शामिल हैं।
यह रिजर्व प्राचीन अरावली श्रृंखला का हिस्सा है, जिससे इसका भौगोलिक स्वरूप भारत के अन्य टाइगर रिजर्व्स के मुकाबले अनूठा है। बाघों के अलावा, यहाँ निम्नलिखित जीव पाए जाते हैं:
1. चीते
2. जंगल बिल्ली
3. धारीदार लकड़बाघ
4. सुनहरे ज्याकाल
5. सांभर हिरण
6. चीतल (थित हिरण)
7. नीलगाय
8. जंगली सूअर
9. 200 से अधिक पक्षी प्रजातियां
सारिस्का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब प्रसिद्ध हुआ जब एक सफल बाघ पुनर्वास कार्यक्रम के तहत स्थानीय विलुप्ति के बाद बाघों को रणथंभौर से पुनः स्थापित किया गया।
पार्क में जंगल के भीतर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की भी उपस्थिति है, जिनमें शामिल हैं:
1. कंकवाड़ी किला
2. पांडुपोल हनुमान मंदिर
3. नीलकंठ महादेव मंदिर
वन्यजीव + इतिहास + आध्यात्मिकता का यह संयोजन सारिस्का को अनूठा बनाता है।
What is the best time to visit?
अक्टूबर से मार्च – सबसे अच्छा मौसम, अच्छे वन्यजीव दृश्य अप्रैल से जून – गर्मी, लेकिन बाघ देखने के अधिक अवसर
What is the entry fee?
₹ ₹80–₹100 Foreigner: ₹470+ Jeep Safari (per jeep): ₹2,500–₹3,500