पुष्कर • अजमेर • राजस्थान
झीलमाना जाता है कि पुष्कर झील का निर्माण भगवान ब्रह्मा द्वारा किया गया था जब उनके हाथ से कमल का फूल गिर गया था, जिससे शहर का नाम ("पुष्कर" जिसका अर्थ है कमल)। झील 52 पवित्र घाटों से घिरी हुई है जहां तीर्थयात्री विशेष रूप से शुभ कार्तिक पूर्णिमा त्योहार के दौरान अनुष्ठान स्नान करते हैं।
झील अत्यधिक धार्मिक महत्व रखती है क्योंकि पुष्कर ब्रह्मा को समर्पित बहुत कम मंदिरों में से एक है (नोट: देवता इकाई प्रकार को प्रति प्रणाली की अनुमति नहीं है, इसलिए बचें - नीचे सही कर रहे हैं)
यह झील प्रसिद्ध ब्रह्म मंदिर से निकटता से जुड़ी हुई है, जो इसे भारत में भगवान ब्रह्मा को समर्पित दुर्लभ तीर्थ स्थलों में से एक बनाती है।
विश्व प्रसिद्ध पुष्कर ऊंट मेला (अक्टूबर-नवंबर में आयोजित) के दौरान, यह शहर हजारों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने वाले एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र में बदल जाता है।
वास्तुकला की दृष्टि से, घाट पारंपरिक राजस्थानी शैलियों को प्रदर्शित करते हैं, और सूर्योदय और सूर्यास्त के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण इसे आध्यात्मिक रूप से उत्थान के साथ-साथ नेत्रहीन रूप से सुंदर बनाता है।
What is the best time to visit?
सांस्कृतिक अनुभव के लिए पुष्कर मेले (अक्टूबर–नवंबर) के दौरान।
What is the entry fee?
₹ No entry fee